राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के पास स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी। भारतीय सेना की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘ऑलिव ग्रीन’ रंग की वर्दी और हेलमेट पहन ‘प्रचंड’ में बतौर ‘सह-पायलट’ उड़ान भरी।
इस उड़ान के साथ, मुर्मू एक हमलावर हेलिकॉप्टर में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गईं। इससे पहले, उन्होंने क्रमशः 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उड़ान के दौरान दिए अपने संदेश में ‘प्रचंड’ को आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। इस समय मैं जैसलमेर जिले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं अपने वीर सैनिकों को हार्दिक सलाम और गहरी कृतज्ञता व्यक्त करती हूं। आपको हार्दिक सलाम, जय हिंद, जय भारत। हेलिकॉप्टर पोकरण फायरिंग रेंज के ऊपर से गुजरा, इसी जगह भारतीय वायु सेना ने अपना शक्ति प्रदर्शन ‘वायु शक्ति’ किया। इससे पहले, भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायु सेना स्टेशन पर राष्ट्रपति का स्वागत किया।
दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति : राष्ट्रपति मुर्मू ने पिछले साल अक्तूबर में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। ऐसा करके वे भारतीय वायुसेना के दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गईं। इससे पहले अप्रैल 2023 में, उन्होंने असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी व लगभग 30 मिनट तक ब्रह्मपुत्र नदी और तेजपुर घाटी के ऊपर से हिमालय के मनोरम दृश्य देखे ।
