कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत, कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में शामिल नहीं है।टोरंटो स्टार अखबार ने इस अधिकारी के हवाले से लिखा, हमारा मानना है कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों में भारत का कोई हाथ नहीं है। हम् विश्वास से कह सकते हैं कि ऐसी कोई गतिविधियां जारी नहीं हैं। हालांकि अखबार ने अधिकारी का नाम नहीं बताया। अधिकारी ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों सहित भारत-कनाडा में मजबूत राजनयिक संबंध हैं।
अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि ऐसी कोई गतिविधि होती तो प्रधानमंत्री कार्नी निश्चित रूप से भारत की यात्रा नहीं कर रहे होते। प्रधानमंत्री कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होनी है। इस दौरे में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई, प्रतिभा-संस्कृति तथा रक्षा क्षेत्रों पर बात होगी।
तीन देशों के इंडो-पैसिफिक दौरे के तहत कार्नी भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा-सिडनी और इसके बाद जापान के टोक्यो जाएंगे। इस यात्रा को ओटावा द्वारा अधिक व्यावहारिक विदेश नीति अपनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं ….. हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के विवाद के चलते दोनों देशों के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया गया और एक लंबा राजनयिक गतिरोध बना रहा। 2024 में, रॉयल कैनेडियन माउंटेड़ पुलिस (आरसीएमपी) ने दावा किया कि भारतीय सरकारी एजेंट कनाडा में हिंसक अपराधों से जुड़े हुए थे, जिनमें जान से मारने की धमकियां और हत्याओं में कथित संलिप्तता शामिल है। लेकिन इस सप्ताह अधिकारियों ने संकेत दिया कि भारत से जुड़े सक्रिय विदेशी दखल या दमन के बारे में पहले की चिंताएं अब मौजूद नहीं हैं।
