मार्च के पहले सप्ताह में ही देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में पारा 34 डिग्री के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसी बीच मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा की कुछ मौसमी प्रणालियों के कारण पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी तथा पूर्वी भारत के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के मैदानी क्षेत्रों में अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
इसके चलते कई इलाकों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहने का अनुमान है। तेज धूप के कारण दिन में गर्मी का असर साफ महसूस हो रहा है और कई शहरों में मार्च की शुरुआत ही गर्म रही है। पिछले दिन देश में सबसे अधिक तापमान ओडिशा के झारसुगुड़ा में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया ।
गर्मी के साथ उमस की भी चेतावनी ः मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की भी चेतावनी दी थी । सात मार्च को तटीय आध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों इलाकों में उमस भरी गर्मी महसूस हो सकती है। वहीं 7 और 8 मार्च को कोंकण क्षेत्र में भी गर्म और उमस भरा मौसम बना रहने का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव : मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद आने वाले दिनों में 4 से 6 डिग्री डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं महाराष्ट्र के अंतरिक इलाकों में अगले 24 घंटों तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, जिसके बाद अगले पांच दिनों में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। गुजरात, कोंकण और गोवा में भी पहले हल्की गिरावट और फिर हल्की बढ़ोतरी का रुझान देखा जा सकता है।
