शुक्रवार को ‘स्त्री शक्ति समृद्धि’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिलाओं को निवेश से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी बचतों को सही योजना और अनुशासन के साथ निवेश कर लंबे समय में बेहतर आर्थिक भविष्य बनाया जा सकता है।
सिविल लाइंस स्थित होटल रामा कॉन्टिनेंटल में कार्यक्रम का शुभारंभपूर्व सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड के वाइस प्रेसिडेंट व जोनल सेल्स हेड उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड धीरज डीन ने किया।
डॉ. जोशी ने कहा कि पहले महिलाएं सामाजिक परंपराओं से बंधी थीं, जहां उनके जीवन से जुड़े अधिकतर फैसले परिवार के लोग लेते थे। लेकिन अब महिलाएं तेजी से सशक्त हो रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत, शिक्षित और कुशल होना समय की आवश्यकता है।
महिलाएं विज्ञान के क्षेत्र से लेकर बैंक सखी जैसी जिम्मेदार भूमिकाओं में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। वह अपने अधिकारों को समझते हुए स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हैं। मुख्य वक्ता धीरज डीन ने कहा कि निवेश की शुरुआत जितनी जल्द की जाए उतना ही चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है।
वर्ष 2000 में जहां म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या मात्र पांच लाख थी वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 25 करोड़ से अधिक हो चुकी है। यह निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। धीरज डीन ने महिलाओं को निवेश के लिए ‘श्री एस’ सूत्र को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एसआईपी (सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान) अनुशासित्त निवेश की आदत विकसित करता है। एसडब्ल्यूपी (सिस्टमेटिक विड्रॉल प्लान) नियमित निकासी में सहायक है जबकि एसटीपी (सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान) से निवेश को सुरक्षित और बड़ी कंपनियों में स्थानांतरित किया जा सकता है।
