मुख्य विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी 22अक्तूबर को तलब। शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ ही जांच बैठा दी
15अक्तूबर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को 22अक्तूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है।कोर्ट के वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से हाजिर होने का आदेश दिया था। सूचना के बावजूद जिसका पालन न होने पर कोर्ट मे हाजिर होगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने सुनीता देवी की याचिका पर दिया है ।
मालूम हो कि कानपुर देहात में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस अफसर की शिकायत की उसी ने शिकायत करने वाली सफाईकर्मी का तबादला कर दिया और उसी कर्मी के खिलाफ जांच बैठा दी। हाईकोर्ट ने सरकारी वकील से तबादला करने वाले जिला पंचायत राज अधिकारी के बारे में व्योरे के साथ जानकारी मांगी थी। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तबादले के अनुमोदन का आदेश पेश करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि यदि जानकारी नही दी जाती तो सी डी ओ एवं डी पी आर ओ 12अक्तूबर को कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये हाजिर हो। न तो कोई जानकारी दी गयी और न ही वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से डी पी आर ओ हाजिर हुए।
याची ने डी पी आर ओ के भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत की।जिसपर डी पी आर ओ ने याची का सरवनखेडा विकास खंड की ग्राम पंचायत से मालसा विकास खंड की ग्राम पंचायत मालसा मे तबादला कर दिया।याची ने मालसा में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। और जांच बैठाकर याची को कारण बताओ नोटिस जारी की है। जिसे चुनौती दी गयी है।
खबर नीतेश सोनी
