ओलंपिक में पांच खेलों में पदक लाने का दारोमदार सिर्फ बेटियों पर
टोक्यो ओलंपिक के लिए लगातार दूसरी बार रिकॉर्ड 54 बेटियों ने क्वालीफाई किया है। इन खेलों में भारत का रिकॉर्ड 118 सदस्यीय दल भाग लेगा ।यही नहीं पहली बार भारतीय खिलाड़ी अट्ठारह खेलों में चुनौती पेश करेंगे।
इनमें से पांच में दारोमदार सिर्फ बेटियों के कंधों पर होगा। इसमें टेनिस में सानिया मिर्जा और अंकिता रैना, तलवारबाजी में भवानी देवी, जूडो में सुशीला देवी, जिम्नास्ट में परिणीति नायक और वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू शामिल है। हरियाणा की सर्वाधिक 18 बेटियां है।
6 बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरीकॉम ओलंपिक में पदक( 2012 लंदन ओलंपिक )तो 9 साल पहले ही दे चुकी है ।
अब वह अपने आखिरी खेलों के महाकुंभ में स्वर्णिम बिदाई चाहेंगे ।अगर वह कोई भी पदक जीत लेती है तो वह देश के लिए ओलंपिक में 2 पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन जाएंगी।
टेनिस में सानिया मिर्जा और अंकिता रैना पर भारतीय उम्मीदों का बोझ होगा ।यह दोनों युगल में चुनौती पेश करेंगी। सानिया चौथी बार तो अंकिता रैना पहली बार ओलंपिक में खेलेंगी।
Samiksha
