पेंटिंग एक कविता है जो समाज में प्रेम दया करुणा आदि भाव को दर्शाती है
आजादी के रंग’ विषयक 15 दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के अंतिम दिन हुआ भव्य समारोह
आज़ादी के रंग’ विषयक 15 दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के अंतिम दिन मंगलवार को भव्य समारोह आयोजित किया गया।
करैली स्थित खानम आर्ट गैलरी में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर श्याम बिहारी अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथियों में डायरेक्टर जाहिदा खानम, एडवोकेट मुजीब-उर-रहमान एवं एडवोकेट शाहिद अली सिद्दीकी रहे।
वक्ताओं ने कहा कि पेंटिंग एक कविता की तरह है जो समाज में प्रेम दया करुणा आदि भाव को दर्शाती है। तो दूसरी तरफ करोना काल में बनाई गई पेंटिंग और उनकी बिक्री पर भी चर्चा की गई। 
इसके अलावा प्रवक्ता राजेंद्र भारतीय ने गैलरी में आए हुए जूनियर आर्टिस्ट और बच्चों को वाटर कलर एवं सफूरा रिशाद ने मंडाला चित्रण शैली
का लाइव ट्रांसलशन देते हुए उनके कलर, तकनीक और शैली को बताया।
कुछ वक्ताओं ने कलाकारों के अपलिफ्टमेंट और संरक्षण में खानम आर्ट गैलरी की भूमिका की प्रशंसा किया।
गैलरी की डायरेक्टर जाहिदा खानम ने बताया कि चित्रकला प्रदर्शनी में राजस्थान दिल्ली एवं बनारस मुम्बई, लखनऊ और प्रयागराज एवं अन्य शहरों के चित्रकारों ने भाग लिया।
संचालन कर रहे तलत महमूद ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर सभी सम्मिलित कलाकारों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती कनौजिया,
पूर्व प्रधानाचार्य एन पी श्रीवास्तव, अज़हर अंसारी, इम्तेयाज़ हुसैन, शमायल फातिमा, आस्था तिवारी, सफूरा, इरम फातिमा इकरा ज़फर, सुम्बुल परवीन, नसरा इस्लाम सहित कलाकार शामिल रहे।
खबर नीतेश सोनी
