प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी लोगों के जीवन में अहम भूमिका निभा रही है, ऐसे में मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। पीएम मोदी ने क्रिएटर्स से संगीत, नृत्य और कहानी जैसी विधाओं का उपयोग कर अधिक करुणामय भविष्य के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा, विश्व के लिए भारत में सृजन का यही समय है और सही समय है। पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में पहले चार दिवसीय विश्व दृश्य श्रव्य और मनोरंजन सम्मेलन (वेव्स) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, जब दुनिया कहानी कहने के नए तरीके तलाश रही है, तो भारत के पास इस दिशा में काम करने के लिए बहुत कुछ है। वेव्स सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं और रचनात्मकता के वैश्विक परिवेश तंत्र की आधारशिला रखेगा। जैसे नया सूरज उगते ही आकाश को रंग देता है, वैसे ही यह सम्मेलन अपने पहले पल से ही चमकने लगा है। पीएम मोदी ने कहा, रचनात्मक दुनिया में मानवीय करुणा को बढ़ावा देने और सामाजिक चेतना को गहरा करने की शक्ति है। हमारा लक्ष्य रोबोट बनाना नहीं है, बल्कि ऐसे मनुष्यों का विकास करना है, जिनमें संवेदनशीलता, भावनात्मक गहराई और बौद्धिक समृद्धि हो। ऐसे गुण सिर्फ सूचना के अतिरेक या तकनीकी गति से नहीं आ सकते।
