अयोध्या। रामलला के पूर्व में विराजमान रहने वाले अस्थायी मंदिर, उनके 1949 के सिंहासन और वर्षों तक उन्हें छाया देने वाले टेंट के भी राम मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन उपलब्ध हो सकेंगे। इन्हें रामभक्तों की भावनात्मक स्मृति के तौर पर राम मंदिर में सुरक्षित किया जाएगा। रामलला टेंट में 28 साल तक विराजमान रहे। 2019 में सुप्रीम फैसला आने के बाद उन्हें अस्थायी मंदिर में विराजित किया गया था, जहां पर वे चार साल तक विराजमान रहे। यह महत्वपूर्ण निर्णय रविवार को सर्किट हाउस में राम मंदिर भवन निर्माण समिति की आखिरी दिन की बैठक में किया गया। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इस बारे में बैठक में चर्चा की गई। अस्थायी मंदिर ऊंचाई पर है। इसकी ऊंचाई कम करनी होगी। इसके अलावा अस्थायी मंदिर की लकड़ी की मजबूती पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। समिति अध्यक्ष ने कहा कि पहले वर्षों तक भगवान टेंट में विराजमान थे। भगवान जिस टेंट में थे, वह टेंट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सुरक्षित है। इसको भी मंदिर परिसर में स्मृति के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा वर्ष 1949 में भगवान जिस सिंहासन पर विराजमान थे, वह भी मिल गया है। मंदिर में आने ‘वाले श्रद्धालुओं के लिए वह सुरक्षित रखा जाएगा। यह श्रद्धालुओं को मंदिर निर्माण के लिए हुए संघर्ष से भी अवगत कराएगा।
