प्रयागराज। नैनी में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के साथ महाकुंभ से पहले कई विकास कार्य कराए गए हैं। अरैल में शहर का सबसे बड़ा पार्क बनाने, साहित्य पार्क समेत कई अन्य विकास कार्य प्रस्तावित भी हैं। इसी क्रम में पूरे क्षेत्र को हरा भरा बनाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत नैनी, अरैल में हीमियावाकी पद्धति से साढ़े छह एकड़ में जंगल विकसित किए गए हैं। इनके अलावा करीब 11 एकड़ में अन्य स्थानों पर भी जंगल विकसित किए गए हैं। खास बात यह कि इन्हें पार्क का स्वरूप देकर पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत अरैल में विकसित जंगल में निगम कार्यकारिणी की बैठक भी कराई जा चुकी हैशहर को हरा भरा एवं सुंदर बनाने की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। नैनी में मियावाकी पद्धति से जंगल विकसित करने के साथ कई पार्क भी बनाए गए हैं। कई अन्य प्रस्तावित भी हैं। घूंसी में कनिहार झील को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तालाबों के सरंक्षण एवं उनके चारों तरफ पौधरोपण की योजना है। विस्तारित क्षेत्र में ऐसे तालाबों को चिह्नित किया जा रहा है।
