फिलाडेल्फिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में पूरे अमेरिका में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों, पाकौं व चौकों पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को शहरों व छोटे कस्बों में मार्च निकाला तथा लोकतंत्र व आप्रवासी अधिकारों की रक्षा के समर्थन और सत्ता-विरोधी नारे लगाए। नो किंग्स नामक इन विरोध-प्रदर्शनों के आयोजकों ने कहा कि 50 प्रांतों में सैकड़ों जगहों पर लाखों लोग इसका हिस्सा बने। उधर, यूटा में गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया।
प्रदर्शन के दौरान कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मचारियों व प्रदर्शनकारियों के बीच छिट-पुट झड़प भी हुई। लॉस एंजिलिस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पोर्टलैंड में भी अधिकारियों ने अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल किया। न्यूयॉर्क, डेनवर, शिकागो व ऑस्टिन में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया। अटलांटा में पांच हजार की क्षमता वाले आयोजन में हजारों लोग जुट गए। सिएटल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिएटल के अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि शहर की सबसे बड़ी रैलीमें 70 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। हालांकि, मिनेसोटा में सांसद की हत्या के बाद प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था। ट्रंप की आव्रजन नीतियों के खिलाफ अमेरिका में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी हैं
