लखनऊ। बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दद्दू प्रसाद सोमवार को समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो गए। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि दट्टू प्रसाद के आने से पीडीए की लड़ाई आगे बढ़ेगी। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सांप्रदायिक राजनीति कर रही है। साथ ही कहा कि पीडीए के साथ भेदभाव के लिए मनुस्मृति जिम्मेदार है।
सपा के प्रदेश मुख्यालय पर अखिलेश ने दद्दू प्रसाद, जगन्नाथ कुशवाहा, देव नागर, सलाउद्दीन समेत बसपा छोड़कर आने वाले के सभी नेताओं का स्वागत है। भाजपा पर हमलावर सपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की मुद्रा योजना नाकाम हो गई है। सरकार का दावा है कि 52 करोड़ लोगों को पैसा गया। अगर पैसा पाने वालों ने दो लोगों को भी रोजगार दिया होता तो देश में बेरोजगारी शून्य हो गई होती।
उन्होंने सवाल उठाया कि मुद्रा योजना में बांटे गए 33 लाख करोड़ रुपये किसके खाते में गया? क्या लाभार्थियों में किसी ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया? कितना जीएसटी आया? ऐसा तो नहीं कि सरकार ने पूरा पैसा अपने लोगों को दे दिया?
अखिलेश ने कहा कि अगर सपा के राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन या किसी अन्य नेता के साथ कोई घटना होती है या उन्हें अपमानित किया जाता है तो मुख्यमंत्री जिम्मेदार होंगे। रामजी लाल सुमन को धमकी देने वालों का सीएम से जातीय कनेक्शन है। इसीलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। जैसे हिटलर के जमाने में टूपर्स होते थे, वैसे ही सीएम ने अंडरग्राउंड फौज बनाई है, जो लोगों को अपमानित कर रही है।
