इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की छात्रा हिना कौशर ने खोजा एक नया फार्मूला किसी भी शख्स के व्यक्तित्व की पहली झलक उसकी वेशभूषा से ही मिल जाती है। महिलाएं तो सनातन काल से ही अपने वस्त्र और आभूषण को लेकर सजग रही हैं। पुरानी कहावत है कि पुरुष अच्छे कपड़ों का चयन आलोचना से बचने के लिए करता है।
जबकि, महिलाएं सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए अच्छे कपड़ों का चयन करती हैं। इन सबके बीच भारतीय बाजार में साइज की समस्या आड़े आ जाती है। अब इस समस्या को खत्म करने की कोशिश की है। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्रा हिना कौशर ने एक ऐसा फार्मूला खोजा है और हिना के इस अनूठे फार्मूले की खासी तारीफ भी की जा रही है।
हिना ने बताया कि उन्होंने विभाग की तत्कालीन अध्यक्ष और वर्तमान में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के निर्देशन में अनूठा फार्मूला खोजा है।
इसके लिए हिना ने तीन हजार भारतीय महिलाओं की माप लेकर डेटा संग्रहित किया। इसके बाद भारतीय साइजिंग प्रणाली विकसित की। इस शोध का उद्देश्य भारतीय महिलाओं की मौलिक शारीरिक बनावट के हिसाब से रेडी टू वियर वस्त्रों के निर्माण में सहायता करना है। साथ ही कपड़ों की अधिक स्थानीयता और मौलिकता लाना है।
Samiksha
