इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक टीजीटी (कला) शिक्षक भर्ती-2024 को लेकर बड़ा आदेश दिया है। कहा है कि इस भर्ती में केवल बीएड डिग्रीधारकों की ही नियुक्ति हो सकेगी। जिनके पास बीएड की डिग्री नहीं है, उनकी नियुक्ति पर अंतरिम रोक रहेगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने विनोद कुमार यादव व चार अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई थी, जिसमें बीएड को अनिवार्य के बजाय वरीयता के रूप में माना गया था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था 12 नवंबर 2014 को जारी एनसीटीई की अधिसूचना के खिलाफ है, जिसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या परास्नातक डिग्री के साथ बीएड को आवश्यक योग्यता निर्धारित किया गया है।
कोर्ट ने बीएड को अनिवार्य करने के बजाय वरीयता देने के नियम पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। कहा, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना के अनुसार बीएड अनिवार्य योग्यता है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में इसे केवल वरीयता देना प्रथम दृष्टया नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
कोर्ट ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने याचिका को विचारणीय मानते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख तय की है। वहीं, हाईकोर्ट इसी शिक्षक भर्ती के तहत सहायक अध्यापक (कंप्यूटर) पदों पर भी बिना बीएड डिग्री वालों की नियुक्ति पर पहले से ही रोक लगाई है l
