नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए बिना हम विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण नहीं कर सकते। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना होगा। हर दुकान को स्वदेशी सामान से सजाना होगा। दुकानदार गर्व से कहें कि उसके यहां रोजमर्रा से जुड़ी हर वस्तु स्वदेशी है।
उपभोक्ता भी गर्व से कहे कि हम स्वदेशी खरीदते हैं। यह हर भारतीय का मिजाज होना चाहिए। पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, आजादी को स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली, वैसे ही देश की समृद्धि को स्वदेशी से शक्ति मिलेगी।
पीएम ने जीएसटी सुधार के लागू होने की पूर्व संध्या पर रविवार को आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का रोडमैप सामने रखापीएम ने कहा, नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को सूर्योदय के साथ ही नई दर के वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी सुधार लागू हो रहे हैं। यह भारत की विकास गाथा को गति देगा। सुधारों के साथ जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत हो रही है, जिससे गरीब, युवा, किसान,महिलाएं लाभान्वित होंगी। इससे सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं से गरीबी से मुक्त हुए 25 करोड़ नव मध्य वर्ग और मध्य वर्ग के साथ व्यापारियों, छोटे दुकानदारों को लाभ होगा। त्योहार पर सबकी खुशियां बढ़ेंगी। सबका मुंह मीठा होगा।एक राष्ट्र-एक कर का सपना साकार : मोदी ने कहा, जब भारत ने 2017 में जीएसटी सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाया, तो नया इतिहास रचा गया। जीएसटी ने एक राष्ट्र-एक कर के सपने को साकार किया। दशकों तक देश की जनता, व्यापारी, टैक्स के जाल में उलझे हुए थे। ऑक्ट्रॉयएंट्री टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज, वैट, सर्विस टैक्स, न जाने कितने तरह के दर्जनों टैक्स हमारे देश में थे। एक शहर से दूसरे शहर माल भेजना हो, तो न जाने कितने चेकपोस्ट पार करने होते थे, कितने ही फॉर्म भरने पड़ते थे, कितनी सारी रुकावटें थीं।
