दुबई/दोहा। ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमले के जवाब में कतर और इराक में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर सोमवार रात मिसाइलें दागीं। कतर की राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई। हमले से अमेरिकी ठिकानों को नुकसान का अभी पता नहीं चल पाया। कतर के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया। वहीं, अमेरिका ने किसी भी जवाबी कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। उसने कहा, स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
ईरान के हमले के बाद पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शीर्ष अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। ट्रंप खुद सिचुएशन रूम में मौजूद रहे और हालात पर नजर रखते रहे। उनके साथ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
ईरान ने कतर में अमेरिका के अल उदीद एयरबेस पर हमले को अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ ईरानी सेनाओं की शक्तिशाली और सफल प्रतिक्रिया बताया। कतर ने हमले की आशंका के चलते पहले ही अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। हालांकि ईरान ने दावा किया, उसने कतर को हमले की पहले ही सूचना दे दी थी, ताकि जान का नुकसान कम से कम हो।
इराक के सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ईरान ने पश्चिमी इराक में अमेरिका के ऐन अल-असद बेस पर भी मिसाइलें दागीं। ईरान ने कहा, अमेरिकी क्षेत्रीय अड्डे युद्ध उन्मादी ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी कमजोरी और कांटा हैं, ताकत नहीं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने कहा, इराक व कतर में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हो गया है।
