उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गौ पालन करने वालों को अब 15000 से 16000 रुपये की सब्सिडी मिलने वाली है , आने वाले समय मे किसान एक फैक्ट्री के माध्यम से अपने दैनिक जीवन को आसान बनाएंगे , इसी विषय पर उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने प्रेसवार्ता के जरिये बताया कि किसान को इसी पैसे से गोबर गैस का प्लांट अपने घर लगाकर गोबर गैस से खाना पकाएंगे , गोबर गैस से निकलने वाली सलरी का प्रयोग किसान खेतो मे करेंगे जिससे जैविक उत्पादन होगा | किसान की आर्थिक उन्नति होगी, सरकार को कोष मे भी काफी प्रभाव पड़ेगा क्योकि इससे खाद का प्रयोग कम होगा , धीरे धीरे सभी किसानों ने इस रास्ते को अपनाया तो ना के बराबर यूरीआ, डीएपी , इंसेक्टिसाइड पेस्टिसाइड का काम प्रयोग होगा जिससे उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी और आम लोगों को स्वास्थ्य में भी काफी लाभकारी साबित होगा क्योंकि आज के समय में हर घर में कोई ना कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है और उसे बीमारी की मूल जड़ यही सब खास सामग्री बताई जा रही है इसको लेकर के उत्तर प्रदेश सरकार किया अनूठी मुहिम गांव तक पहुंचने वाली है |
महाकुंभ के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वर नंदिन गाय को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा देने की बात कही थी , जिस पर उन्होंने कहा कि शास्त्रों में ऋषि मुनियों ने लिखा है कि गायों विश्वस मात्रः लिखा है जिसका मतलब है की गाय पूरे विश्व की माता है , इसकी घोषणा वेद और पुराण मे पहले से है | गाय पूरे विश्व मे बिना धर्म और जाती के सबको एक समान दूध , दही , छाछ , गोबर , गोमूत्र के जरिए उनके दैनिक जीवन में सुधार करती आई है | इसलिए ऐसे लोगों को समझने की जरूरत है जो गाय को अपना भोजन मानते है और जब गाय की इतनी बड़ी महानता पहले से ही वेद और पुराणों में लिखी गई है तो , उसको एक राष्ट्र में गौ माता का दर्जा देना अपने आप में अपमान है |
लोगों को समझने की जरूरत है कोरोना के समय जो की एक अपने आप में बहुत बड़ी महामारी था, उस दौर में गायों की सेवा करने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं मरा , जबकि अन्य लोग मारे तो लोगों को सोचना चाहिए कि गांव में कितने औषधि गुण भी मिलते हैं | गाय विज्ञान है केवल हिंदू या सनातन धर्म की नहीं बल्कि पूरे विश्व की माता है , और गाय विज्ञान है इसलिए किसी को इसमें कोई आपत्ति नहीं करनी चाहिए , सबको समझाने की जरूरत है , इसीलिए हम लोग जगह-जगह जाकर लोगों को गाय का महत्व और उनके उपयोग के बारे में समझ रहे हैं |
गाय को पहले दिन भर में रख रखाव के लिए ग्राम प्रधान को सीधे ₹30 एक गाय पर दिए जाते थे , जिसकी कीमत उत्तर प्रदेश सरकार माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा बढ़कर ₹50 कर दिया गया है , उस ₹50 में गाय की सेवा करने वाले लोगों के मन में सेवा का भाव होना चाहिए , हालांकि समाज में दो प्रकार के लोग पाए जाते हैं , एक वह जो बिना किसी स्वार्थ की गाय की सेवा करते हैं , दूसरे वह जो की सरकार को बदनाम करने का काम करते हैं , ऐसे लोगों पर तत्काल कार्यवाही करी जा रही है , ग्राम प्रधान के अकाउंट को फ्रिज किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को भी निलंबित किया जा रहा है , प्रदेश में नोडल अधिकारी और हर एक जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती करी गई है , जो इस विषय पर हमेशा रिपोर्ट लेकर इसकी जानकारी अपने पास रखते हैं और सरकार तक पहुँचाते है |
वही उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य के साथ आए कुछ लोगों के द्वारा गोबर से बने गणेश भगवान की एक मूर्ति , गोमूत्र, गौअर्क और तमाम ऐसी औषधि का विमोचन किया गया , जिस लोगो को कई बीमारियों से सीधा छुटकारा मिलेगा और मोबाइल या किसी भी प्रकार से होने वाले रेडिएशन को भी गोबर कम करता है |
बड़े औषधि गुण है गाय में समझाना पड़ेगा
