रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर परोक्ष रूप से पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं का ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक आतंकी सोच खत्म नहीं होती तब तक अभियान लगातार जारी रहेगा। रक्षा मंत्री भारतीय सेना दिवस के मौके पर एसएमएस स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या को संबोधित कर रहे थे।
सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और युद्ध के मैदान के बदलते हालात के हिसाब से खुद को ढालने के तरीके की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी सावधानी से सोच-समझकर और मानवीय मूल्यों का पूरा ध्यान रखते हुए की गई थी। इसी कारण ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास में सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि साहस और संतुलन के प्रतीक के रूप में याद रखा जाएगा। रक्षामंत्री ने कहा, 15 जनवरी का दिन, भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। यह संकल्प का दिवस है, आत्ममंथन का अवसर है।
युवाओं से कहा-सेना से राष्ट्र सेवा के गुण सीखें… राजनाथ सिंह ने कहा, मुझे लगता है कि देश के सभी नागरिकों, खासकर युवाओं को हमारे सैनिकों से राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा का यह गुण सीखना चाहिए। एक भारतीय सैनिक के लिए, उसका कर्तव्य एक यज्ञ के समान होता है। वह युद्धभूमि उसकी यज्ञशाला होती है।
