प्रयागराज: खानम आर्ट गैलरी का ‘राष्ट्रीय कलाकार कार्यशाला एवं शिविर 2026’ भव्य शुभारम्भ एवं सफल समापन
प्रयागराज, 24 मई 2026: खानम आर्ट गैलरी, प्रयागराज के “6 वर्ष पूर्ण होने” के उपलक्ष्य में आयोजित
राष्ट्रीय कलाकार कार्यशाला एवं शिविर 2026 का भव्य शुभारम्भ एवं सफल समापन हुआ।
शिविर का शुभारम्भ डॉ. ज़ाहिदा खानम द्वारा दी गई 5 मिनट की अद्भुत नाइफ पेंटिंग डेमोंस्ट्रेशन से हुआ, जिसने सभी का दिल जीत लिया। यह एक नवीन नाइफ पेंटिंग तकनीक का प्रदर्शन था। कलाकारों ने डॉ. खानम की नाइफ तकनीक और सृजनात्मकता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
विशेष आमंत्रित अतिथि कलाकारों में शामिल रहे:
अनुपम कुमारी – अलीगढ़, डॉ. जुही शुक्ला – दिल्ली, तलअत महमूद – प्रयागराज, राम रघुबीर मिश्रा वाराणसी, ज़फ़र अली मुम्बई, सहित देश के अनेक क्षेत्रों से आए वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकार।
पुरस्कार एवं सम्मान:

1. ₹5,000 नगद पुरस्कार* – निदा अंसारी, अरबिया इसरार, शैफ़्ता एवं ज़फ़र अली को प्रदान किया गया।
2. ख़दीजा बेगम स्कॉलरशिप एवं हमीदा खानम स्कॉलरशिप से नवोदित प्रतिभाओं को नवाज़ा गया।
3. बेस्ट आर्टवर्क अवार्ड – डॉ. जुही शुक्ला, तलअत महमूद, राम रघुबीर मिश्रा, अनुपम कुमारी, सुस्वेता सरकार, सानिया जावेद सहित अन्य वरिष्ठ प्रतिभागियों को दिया गया। इन्हें *खानम आर्ट गैलरी में निःशुल्क ग्रुप शो* का अवसर भी प्रदान किया गया।
4. जूनियर कलाकारों ने अत्यंत प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सभी को प्रमाण पत्र एवं मेडल से सम्मानित किया गया।
5. 15 अगस्त को 3 बच्चों को विशेष पुरस्कार भी प्रदान किये जायेंगे।
शिविर में बच्चों का विषय *’नेचर’ एवं ‘कैलिग्राफी’ था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों की कला के प्रति रुचि एवं समर्पण देखने योग्य था।
वरिष्ठ कलाकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ के सदस्य श्री रवीन्द्र कुशवाहा ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि सराहना की।
गैलरी निदेशक डॉ. ज़ाहिदा खानम ने सभी अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत किया तथा भविष्य में कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने “नाइफ पेंटिंग डेमोंस्ट्रेशन, भी प्रस्तुत किया। डॉ. खानम एक समर्पित कलाकार हैं जो कला के विकास, प्रचार-प्रसार हेतु तन-मन-धन से कठिन परिश्रम कर रही हैं।
समर कैम्प 2026 का शुभारम्भ:
इसी के साथ 25 मई से समर कैम्प का भी शुभारम्भ हो गया है। समय: सायं 6:00 से 7:00 बजे तक।
मुख्य उद्देश्य:* बच्चों में कला के प्रति जागरूकता एवं रुचि पैदा करना, उन्हें मोबाइल से दूर कर उनकी सृजनात्मकता को बढ़ाना।
