प्रयागराज। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा-2022 के लिए पंजीकृत सभी 10 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। बिना आधिकारिक सूचना के स्थगित हुई टीजीटी परीक्षा के मसले पर अभ्यर्थियों सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर यह तंज कसा है।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों की ओर से तैयार किया गया एक प्रश्नपत्र भी वायरल हो रहा है जिसमें आयोग की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए सात सवाल शामिल किए गए हैं। टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों पर भर्ती के लिए जुलाई-2022 में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
तीन साल बीत गए हैं, लेकिन दोनों परीक्षाएं अब तक नहीं कराई जा सकीं, जबकि इन परीक्षाओं के लिए रिकॉर्ड संख्या में 13.19 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। टीजीटी के 3539 पदों पर भर्ती के लिए 8.69 लाख अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है।
चयन आयोग की लेटल तीफी से इन लाखों अभ्यर्थियों को लगातार तीसरा झटका लगा है। टीजीटी परीक्षा पहले भी दो बार स्थगित की जा चुकी है। तीसरी बार 21 व 22 जुलाई 2025 को इसके आयोजन का निर्णय लिया गया था। इस बार आयोग ने इसे स्थगित करने की कोई आधिकारिक
घोषणा नहीं की और न ही तय समय पर यह परीक्षा कराई। वहीं, प्रवक्ता (पीजीटी) के 624 पदों पर भर्ती के लिए साढ़े चार लाख अभ्यर्थी भी तीन बार परीक्षा स्थगित होने से परेशान हैं।
आयोग ने इस परीक्षा का आयोजन अगस्त के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित किया है, लेकिन परीक्षा की कोई तिथि घोषित नहीं की है। अभ्यर्थियों को चौथी बार भी यह परीक्षा टलने की आशंका है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि आयोग टीजीटी व पीजीटी परीक्षा की तिथियां शीघ्र घोषित. करे।
