मथुरा। गोविंद नगर थाना क्षेत्र में कन्नी सड़क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास रविवार सुबह माया टीला काटकर दीवार बनाए जाने के चलते बड़ा हादसा हो गया। 70 पाट ऊंचा टीला ढहने के साथ ही टीले पर बने छह मकान भी जमींदोज हो गए। मलबे में नीचे काम कर रहे मजदूर और मकानों में रहने वाले लोग दब गए। सूचना पर प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। शाम तक मलबे से तीन शब बरामद कर लिए गए। अन्य कई के दबे होने की आशंका पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं।
नीचे कच्ची सड़क स्थित माया टीला के ठीक दीवार बनाए जाने का काम चल रहा था। करीब 70 फीट ऊंचे टीले के आसपास इतनी ही ऊंची विशाल दीवार बनाई जा रही थी। आधी दीवार बन भी गई थी, बची हुई दीवार बनाने के लिए काम चल रहा था। रविवार को दोपहर 12 बजे के करीब हाइड्रा से टीले की मिट्टी काटी जा रही थी। इसी दौरान टीला ढहने लगा और देखते ही देखते टीले पर बने छह मकान भी ढह गए। इससे मकान में रहने वाले लोग और नीचे काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
सूचना पर पहुंची नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीम ने मलबा हटाकर दोपहर एक बजे तोताराम (35) को गंभीर हालत में निकाला गया। वहीं टीले पर क्षतिग्रस्त विनोद सैनी के मकान से करीब दो बजे यशोदा (6) और उसकी छोटी बहन (4) काजल को निकाला। दोनों अपने मामा के घर आईं थीं और हादसे के दौरान घर में सो रहीं थीं। तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।टीले के निचले हिस्से में खाली प्लॉट में करीब तीन माह से टीला की नौव काटकर दीवार बनाने का कार्य चल रहा था। जेसीबी से टीले के निचले हिस्से से मिट्टी हटाई जा रही थी। इस दौरान रविवार सुबह 11:55 बजे मिट्टी एक बड़ा हिस्सा हटने से टीला भर भराकर ढह गया। काम कर रहे करीब छह मजदूर, एक ट्रैक्टर मलबे में दब गया। जेसीबी चालक और ठेकेदार मौका पाकर वहां से भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है यह प्लॉट व्यापारी सुनील चैन का है। प्लॉट के एक हिस्से में पार्किंग बनी हुई है। चौकीदार पवन ने बताया है कि वह इस प्लॉट की 15 साल से देखरेख कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब आठ बजे जेसीबी और करीब छह मजदूरों से मिट्टी हटाने का कार्य शुरू हुआ था। सुबह 11:55 बजे वह नहाने गए थे, लौटकर आए तो देखा कि टीला ढहने से आसमान में धूल के गुबार उठ रहे हैं।
