नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी गजट में इसकी अधिसूचना जारी की। रिक्त हुए उपराष्ट्रपति पद के लिए जल्द चुनाव कराना होगा। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए यह पद भी खाली हो गया
उपराष्ट्रपति का निवास खाली व लुटियन दिल्ली मिलेगा। सुरक्षा मानदंडों के राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू की। धनखड़ सदन की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। धनखड़ के लिए औपचारिक विदाई की रस्म नहीं हुई, न ही विदाई भाषण हुआ। राज्यसभा में पीठासीन अधिकारी भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सदन में गृह मंत्रालय की अधिसूचना को पढ़ा गया। गृह सचिव गोविंद मोहन की ओर से जारी राजपत्र में धनखड़ का त्यागपत्र पुनः प्रकाशित किया गया, जिसे उन्होंने सोमवार शाम को सार्वजनिक किया था। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार धनखड़ को मनाने का प्रयास कर सकती है लेकिन इस्तीफा मंजूर किए जाने से इन अटकलों पर विराम लग गया।
धनखड़ ने मंगलवार सुबह साफ कर दिया कि वह विदाई भाषण नहीं देंगे। आमतौर पर उच्च पद पर आसीन व्यंक्ति की औपचारिक विदाई होती है। धनखड़ के मामले में सरकार ने ऐसा नहीं किया। इससे माना जा रहा है कि सरकार शायद उनके इस्तीफे के पक्ष में थी। हालांकि विपक्ष ने उनकी जमकर तारीफ की है, जिसने पिछले साल उनके कथित पक्षपात के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था।
