नहीं मिलेंगी सरकारी सुविधाएं 2 से ज्यादा बच्चे होने पर
यूपी में आने वाले समय में जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे होंगे ।वह सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माने जाएंगे ।यही नहीं ऐसे लोगों को ना तो पदोन्नति मिलेगी ना ही किसी तरह की सब्सिडी।
ऐसे लोग स्थानीय निकाय का चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को इसका विमोचन करेंगे। प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक 2 से ज्यादा बच्चों के माता-पिता 77 सरकारी योजनाओं व अनुदान का लाभ नहीं ले सकेंगे ।इस विधेयक के प्रभाव में आने के 1 साल के भीतर सभी सरकारी कर्मियों और स्थानीय निकाय में चुने गए प्रतिनिधियों को एक शपथ पत्र देना होगा ।शपथ पत्र के बाद अगर वह तीसरी संतान पैदा करते हैं तो प्रतिनिधि का निर्वाचन रद्द करने का प्रस्ताव है। साथ ही चुनाव ना लड़ने के प्रस्ताव को भी देना होगा ।जबकि सरकारी कर्मियों का प्रमोशन, सेवा समाप्त करने तक की सिफारिश की गई है ।राज्य विधि आयोग ने इस मसले पर आम लोगों से 19 जुलाई तक सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद इसे अंतिम रूप देकर सरकार को सौंपा जाएगा।
दो बच्चे होने पर मिलेंगे यह लाभ
विधेयक के अनुसार जो सरकारी कर्मचारी स्वैच्छिक नसबंदी करवा कर दो बच्चे के मानदंड को अपनाते हैं ।उन्हें सेवा के दौरान दो और वेतन वृद्धि, आवश्यकता के अनुसार आवास विकास परिषद या विकास प्राधिकरण से भूखंड ,आवास खरीद पर सब्सिडी, घर बनाने या मामूली ब्याज दरों पर खरीद के लिए सॉफ्ट लोन , पानी, बिजली, गृह कर जैसी उपयोगिता शुल्क पर छूट ,मातृत्व या जैसा भी मामला हो, पूरा वेतन और भत्तों के साथ 12 महीने का पितृत्व अवकाश, राष्ट्रीय पेंशन मुक्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधा और जीवन साथी के लिए बीमा कवरेज के तहत नियोक्ता के योगदान कोष में 3% की वृद्धि अतिरिक्त लाभ व प्रोत्साहन मिलेगा।
Samiksha
