पूजा श्री प्रोडक्ट्स ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड
महाकुंभ 2025 के लिए विशेष आध्यात्मिक पहल की घोषणा
प्रयागराज, 21 फरवरी 2025 –
पूजा श्री प्रोडक्ट्स ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, जो भारत में वैदिक शुद्धता और आध्यात्मिकता को पुनर्स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है, ने महाकुंभ 2025 के अवसर पर अपनी विशेष आध्यात्मिक पहल की घोषणा की है। यह पहल श्रद्धालुओं को एक प्रामाणिक, पवित्र, और दिव्य अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के पुनरुत्थान का संदेश भी फैलाने के लिए बनाई गई है।
मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
• सांस्कृतिक पुनरुद्धार:
पूजा श्री न केवल पारंपरिक वैदिक कर्म कांडों को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि आधुनिक विज्ञान एवं तर्कसंगत दृष्टिकोण के साथ उन्हें जोड़ते हुए एक संतुलित आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। यह पहल नयी पीढ़ी के लिए भी वैदिक ज्ञान को सुलभ बनाने का प्रयास है।
• उत्कृष्ट उत्पाद संग्रह:
महाकुंभ मेले के दौरान, पूजा श्री द्वारा निम्नलिखित अद्वितीय उत्पादों की प्रदर्शनी और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी:
• संजीवनी धूप किट: पारंपरिक धूप के साथ आधुनिक प्रयोग का संगम।
• दुर्लभ शंख और यांत्रिक संग्रह: प्राचीन और अद्वितीय शास्त्रीय शास्त्रों से प्रेरित।
• दिव्य परिधान: पारंपरिक डिजाइन में आधुनिक फैशन का समावेश।
• ऑर्गेनिक पारंपरिक सिंदूर: सुरक्षित और शुद्ध सामग्रियों से निर्मित।
• छोटा संगम यज्ञ किट, दीपदान किट, अद्वितीय हवन संभार किट: प्रत्येक किट में वैदिक मंत्रों और विधियों का समुचित समावेश।
• बाँस रहित अगरबत्ती, राशि आधारित धूप कोन, सुगंध और इत्र कलेक्शन: प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद।
• 100+ पूजा संभार: हर पूजा एवं अनुष्ठान के लिए विशेष रूप से तैयार।
• वैश्विक आध्यात्मिक जागरूकता:
इस पहल के माध्यम से, पूजा श्री का लक्ष्य भारतीय वैदिक परंपरा को विश्व स्तर पर फैलाना और हर श्रद्धालु तक शुद्धता, आस्था एवं दिव्यता का संदेश पहुंचाना है। यह पहल वैश्विक समुदाय में भारतीय संस्कृति की विशिष्टता और महत्व को उजागर करने का प्रयास है।
नेतृत्व की दृष्टि
इस अवसर पर, पूजा श्री के संस्थापक श्री राजीव तिवारी एवं सह-संस्थापक श्री शशांक आर्य ने साझा किया:
“महाकुंभ 2025 में हमारी उपस्थिति सिर्फ एक ब्रांडिंग पहल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक संकल्प है। हम भारत की वैदिक परंपरा को जीवंत करने एवं हर श्रद्धालु तक शुद्धता, आस्था और दिव्यता का संदेश पहचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस पहल के द्वारा हम न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करना चाहते हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय आध्यात्मिकता की महत्ता को भी स्थापित करना चाहते हैं।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस का एजेंडा
• उत्पाद नवाचार एवं विकास: आगामी योजनाओं और प्रोडक्ट इनोवेशन पर विस्तृत चर्चा।
• वैदिक ज्ञान का आधुनिकरण: पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर नई संभावनाओं का अन्वेषण।
• वैश्विक विस्तार एवं सहयोग: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने के लिए संभावित साझेदारों एवं सहयोगियों से चर्चा।
• सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कार्य शालाएँ: महाकुंभ मेले के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कार्यशालाओं की रूपरेखा।
