नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि आतंकवाद व हिंसक कट्टरपंथ मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक हैं। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि किसी भी कारण से किसी आतंकी कृत्य को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। दोनों नेताओं ने बुधवार को जारी साझा बयान में अन्य देशों के खिलाफ आतंकी कृत्यों को अंजाम देने के लिए मिसाइलों व ड्रोन समेत अन्य हथियारों तक पहुंच रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साझा बयान में दोनों देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस सलमान ने आतंकवाद को किसी विशेष जाति, धर्म या संस्कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया। उन्होंने आतंकवाद और इसके वित्तपोषण का मुकाबला करने में दोनों पक्षों के बीच सहयोग का स्वागत किया। दोनों ने सीमापार आतंकवाद की निंदा की और सभी देशों से दूसरों के खिलाफ आतंकवाद के इस्तेमाल को खारिज करने, जहां भी आतंकी ढांचा मौजूद है, उसे नष्ट करने व आतंकवाद के अपराधियों को तुरंत न्याय के कठघरे में लाने पर जोर दिया।पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा बीच में ही छोड़कर भारत लौट आए। उन्होंने मंगलवार को कश्मीर की स्थिति का आकलन करने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस के साथ तय बैठक में करीब दो घंटे की देरी की। वह रात्रिभोज में भी शामिल नहीं हुए।
