बेटे की मौत के बाद मकान पर कब्जे का आरोप, पिता ने लगाई न्याय की गुहार
न्यायालय में विवाद लंबित होने के बावजूद ताला तोड़कर कब्जा करने का आरोप
प्रयागराज। गणेश शंकर दुबे ने अपने पुत्र की संदिग्ध मौत और उहके मकान पर जबरन कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि अल्लापुर नेता नगर चौराहे पर स्थित यह मकान उनके पुत्र आशुतोष कुमार दुबे को रिश्ते के बड़े पापा राजेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा दान में दिया गया था। इसके बाद मकान का दाखिल-खारिज नगर निगम में उनके पुत्र के नाम हो गया और हाउस टैक्स सहित अन्य अभिलेख भी उसी के नाम से नियमित जमा किए जाते रहे।
दुबे ने बताया कि 11 जुलाई 2023 को उनके पुत्र की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मौत हो गई थी, जो उस समय काफी चर्चाओं में रही। अब मकान का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित का आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को कुछ लोगों ने बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया। सूचना पर वह तत्काल शहर पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संबंधित पक्ष को बुलाने का प्रयास किया किन्तु मामला जस का तस है।
गणेश शंकर दुबे का कहना है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तो किसी भी पक्ष द्वारा जबरन कब्जा करना कानूनन गलत है । यह आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेकर कब्जा करना न्याय के खिलाफ है।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के नारद सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक ओर उन्होंने अपने बेटे को खो दिया और अब उसके मकान पर भी कब्जा हो रहा है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित को उसके पुत्र की संपत्ति वापस मिल पाती है या नहीं।
