रामनाथपुरम। केंद्र सरकार और तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति और त्रि-भाषा विवाद के बीच रामेश्वरम पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा तंज किया है। पीएम मोदी ने कहा, उन्हें आश्चर्य होता है कि तमिलनाडु के मंत्रियों से उन्हें मिलने वाले किसी भी पत्र पर तमिल भाषा में हस्ताक्षर नहीं होते। तमिलनाडु के नेताओं से अनुरोध है कि अगर आपको तमिल पर गर्व है, तो कम से कम आप अपना हस्ताक्षर तो तमिल में करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रामेश्वरम में नए पंबन पुल समेत 8,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के बाद जनसभा में यह बात कही। सीएम स्टालिन इस कार्यक्रम से दूर रहे। प्रधानमंत्री ने कहा, वह चाहते हैं कि स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की द्रमुक सरकार मेडिकल की पढ़ाई तमिल भाषा में शुरू कराए। इससे गरीब परिवारों के बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना भी पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि देश के युवाओं को डॉक्टर बनने के लिए विदेश न जाना पड़े। पिछले 10 वर्षों में तमिलनाडु को 11 नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं। पीएम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब स्टालिन ने केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए त्रि-भाषा फॉर्मूले को लागू करने से इनकार कर दिया है।
