लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनजातियों के पास 2017 से पहले मतदान का अधिकार नहीं था। राशन कार्ड और कनेक्टिविटी की सुविधा भी नहीं थी। भाजपा सरकार बनने के बाद सभी जनजातियों को हर सुविधा उपलब्ध कराई गई। पहले कुछ मिशनरी और वामपंथी जनजातीय समाज का ब्रेनवॉश भी करते थे। यह स्थिति देश की सुरक्षा के लिए खतरा भी थी। वे सोमवार को गोमतीनगर विस्तार में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 5.0 के कार्यकर्ता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ भगवान धनवंतरी, भारत माता, गुरु गोरखनाथ और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। योगी ने कहा कि भारत में यात्राओं की लंबी श्रृंखला रही है। आदि शंकराचार्य ने भी शंकर दिग्विजय यात्रा के माध्यम से भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ा था। धार्मिक यात्राओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सका। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी ऐसी ही एकता को दोबारा स्थापित करने का कार्य पांच साल पहले शुरू हुआ। आजादी के बाद से 2017 तक इन गांवों के लोगों को कोई सुविधा नहीं दी गई। इनमें वनटांगिया के 55 गांव भी शामिल थे। वन विभाग और पुलिसकर्मी इनका शोषण करते थे। भाजपा सरकार में इनको राजस्व ग्राम की मान्यता मिली और सभी योजनाएं लागू हुईं। थारू जनजाति के लोग अंग्रेजों द्वारा तराई के जंगलों में बसाए गए थे। झोपड़ियों में रहे, शोषण सहा। अब वे मतदान कर रहे हैं। बीते दो चुनाव में हजारों लोग पहली बार वोटर बने। अब हर गांव में सड़क, हर घर में बिजली है। सभी को मकान मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र हैं। राशन, आयुष्मान योजना, पेंशन समेत हर सुविधा पहुंच चुकी है।
