यूनाइटेड मेडसिटी ज़िम्मेदार है ख़ुशी के पैसे नाम पर शोषण करते हुए उसकी मौत का।
जिला प्रशासन संरक्षण दे रहा है मेडसिटी को।
यूनाइटेड मेडसिटी ने ख़ुशी के मुंह पे अस्पताल का दरवाजा बंद करके और इलाज करने से मना करके सुप्रीम कोर्ट को 5 जजेज़ की पीठ के द्वारा अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं के लिये गये निर्देशों की धज्जियां उड़ायी है।
जिसके लिये हम माननीय उच्चतम न्यायालय में अस्पताल एवं जिला प्रशासन द्वारा उच्चतम न्यायालय के कंटेम्प्ट की रिट दाखिल की जा रही है।
हमारी मांग है
तकाल यूनाइटेड मेडिसिटी के प्रबंधन के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके आरोपी प्रबंधन की तत्काल गिरफ्तारी की जाये।
खुशी के परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए जिसकी वसूली यूनाइटेड मेडिसिटी से की जाए।
3. सभी अस्पतालों को यह निर्देश दिया जाये कि ऑपरेशन के रेट लिस्ट की सूची अस्पताल के बाहर लगायी , जाये
4. निजी अस्पतालों के रेट्स को एक सीमा के भीतर श्रेणीवार तय किया जाये ताकि आम आदमी का आर्थिक शोषण रुक सके।
सभी अस्पतालों द्वारा डॉक्टरों की योग्यता संबंधी लिस्ट को अस्पताल के बाहर लगाया जाये।
अस्पतालों को माननीय सुप्रीम कोर्ट के 5 सदस्यीय पीठ के द्वारा दिए गये निर्देश की किसी भी मरीज़ को अस्पताल इलाज देने से मना नही कर सकता, लागू करवाया जाए।
डॉ ऋचा सिंह
खबर नीतेश सोनी
