सैकड़ों की संख्या में सोमवार दोपहर नाराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता नगर निगम मुख्यालय परिसर जा पहुंचे. उनके आक्रोश और नारेबाजी से नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया. वकीलों के गुस्से की खबर मिलते ही शांति सुरक्षा के मद्देनजर दर्जनों की संख्या में पुलिस के जवान भी जा पहुंचे. अधिवक्ताओं का यह रिएक्शन, रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे नगर निगम अतिक्रमण दस्ता द्वारा उनकी सीट के खिलाफ लिए गए एक्शन के विरुद्ध था. वकीलों का सवाल था कि फ्लाईओवर के नीचे मौजूद उनकी सीट को हटाने से पहले उन्हें खबर क्यों नहीं दी गई? बगैर सूचना के नगर निगम अतिक्रमण दस्ता, उनकी सीट की कुर्सियां व मेज कैसे हटा सकता है? इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए वह नगर आयुक्त से वार्ता की जिद पर अड़े रहे. खबर मिलने के बाद अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव के साथ नगर आयुक्त साईं तेजा वार्ता के लिए अधिवक्ताओं के पास पहुंचे. इन दोनों अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद नाराज अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और वह वापस लौटे आधी रात में ऐसे हुई कार्रवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट फ्लाई ओवर के नीचे सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता सीट बनाकर बैठा करते थे. अधिवक्ता अपनी इसी सीट से वादकारियों के हक और इंसाफ दिलाते थे. यहां उनकी यह सीट कई साल से मौजूद थी. गैर जनपदों व प्रदेशों से आने वाले वादकारियों को वे यहां आसानी से उपलब्ध होते थे, जिनसे वादकारी सलाह मशविरा भी लिया करते थे. रविवार को सार्वजनिक अवकाश दिन था. अवकाश की वजह से अधिवक्ता अपनी इसी सीट पर नहीं आए. सारा दिन सब कुछ ठीक व सामान्य रूप से हर संडे के तरह चल रहा था. रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता कई गाड़ियों के व कर्मचारियों के साथ फ्लाई ओवर के नीचे जा पहुंचे. बताते हैं कि इस अतिक्रमण दस्ता के साथ पुलिस के जवान भी शांति व सुरक्षा में मौजूद रहे. इस तरह फ्लाई ओवर के नीचे अधिवक्ताओं द्वारा बैठने के लिए बनाई गई सीट की कुर्सी व मेज नगर निगम अतिक्रमण दस्ता समेट कर गाड़ी में न भर लिया. यहां पलाई ओवर के नीचे मौजूद सभी अधिवक्ताओं के सीट की कुर्सी मेज गाड़ी में भरकर नगर निगम का यह दस्ता उठा ले गए।
