वर्तमान कुलपति की इच्छा ही उनका आदेश, उनके इशारे भी स्टेट्युट हैं, उनकी मर्जी ही संविधान है
इलाहाबाद विश्व विधलया में छात्रसंघ भवन पर छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्त्व में छात्र नेता अजय यादव सम्राट के अगुवाई में छात्रसंघ बहाली के आंदोलन का 462वां दिन भी जारी रहा।
आज अनशन स्थल पर अनशनकारियों इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की निंदा करते हुए कहा कि वर्तमान कुलपति की इच्छा ही उनका आदेश, उनके इशारे भी स्टेट्युट हैं, उनकी मर्जी ही संविधान है
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह नाम पहले से तय किया जा चुका है पर परीक्षा नियंत्रक तय करने की तथाकथित गोपनीय बैठक अभी जारी है
इसे कहते हैं जनतंत्र की खोल में तानाशाही
यही है वर्तमान कुलपति के कार्य करने की शैली पूर्णतः तानाशाह जनतंत्र की सिर्फ खोल
इसीलिए छात्रसंघ बहाल नहीं करती। क्योंकि तानाशाही पर अंकुश न लग जाए
हम विश्वविद्यालय के जिम्मेदार बड़े लोगों से साफ-साफ पूछना चाहेंगे कि अगर वह पहले ही व्यक्तियों का चयन कर लेते हैं और उसकी सूचना पूरे शहर में लिक भी हो जाती है तो फिर वह इंटरव्यू का दिखावा क्यों करती हैं :: अगर वह परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पद की प्रक्रिया को गोपनीयता के साथ संपन्न नहीं कर पा रहे हैं तो विश्वविद्यालय में जब 400 से ज्यादा अध्यापकों का नियुक्ति को कैसे गंभीरता पूर्वक संपन्न कर पाएंगे”” हमारी आशंका है की इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नियुक्ति पहले हो जा रही है और इंटरव्यू का खेल जनता को भ्रम आने के लिए खेला जा रहा है’ यह सत्य हुआ और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर यह कितना बड़ा सवाल है। कुछ महीने पहले ही टेंडर में दो करोड़ रुपए घूस मांगने का प्रकरण भी अखबारों में उछला था उस मामले का भी सही-सही खुलासा होना बाकी है।
इस मौके पर छात्र नेता नवनीत यादव, अतीक अहमद, हरेंद्र यादव, मसूद अंसारी, राहुल पटेल ,आनंद सांसद, यशवंत यादव, कौटिल्य मिश्रा, सुधीर यादव, धनंजय कुशवाहा, आकाश यादव, सुजीत मल्ल आदि लोग उपस्थित रहे।
खबर नीतेश सोनी
