अखिल भारतीय उदासीन निर्मल परिषद ने बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और अत्याचार पर चिंता जताई है। पदाधिकारियों के साथ नया अखाड़ा, निर्मल पंचायती अखाड़ा और बड़ा अखाड़ा उदासीन के संत-महात्माओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सनातन धर्म और हिंदुओं की रक्षा का अनुरोध करते पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से पड़ोसी देश सहित अन्य देशों में हिंदुओं की सुरक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
कीडगंज स्थित पीली कोठी में निर्मल पंचायती अखाड़े में बृहस्पतिवार को परिषद के अध्यक्ष व नया अखाड़ा के सचिव जगतार मुनि की अध्यक्षता में बैठक हुई। मुनि ने कहा कि सनातन धर्म का डंका बजे और हिंदुओं की रक्षा की जाए।
परिषद के कोषाध्यक्ष और निर्मल पंचायती अखाड़े के देवेंद्र शास्त्री ने कहा कि सर्वसम्मति से इस मुद्दे पर पत्र भेजा गया है। बड़ा अखाड़ा उदासीन के दुर्गादास महाराज ने कहा कि जब जरूरत पड़ती है अखाड़े सामने आते हैं। सरकार कोई कदम उठाती है तो अखाड़ों के साधु-संत सनातन धर्म और हिंदुओं की रक्षा के लिए तैयार हैं।
एक साल में तीन कुंभ, कैसे जाएंगे अखाड़े : बैठक में 2027-28 में तीन-तीन महीने के अंतराल में होने वाले कुंभ आयोजन के बारे में भी चर्चा की गई । बड़ा उदासीन, नया उदासीन और निर्मल पंचायती अखाड़े के संतों ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में लगातार कुंभ है। ऐसी स्थिति में अखाड़े तीनों स्थानों पर कैसे जाएंगे। सरकार को इस बारे में अखाड़ों से बात करनी चाहिए। अखाड़ों के पदाधिकारी पीएम मोदी और सीएम योगी से मिलेंगे। जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति से भी मुलाकात की जाएगी ।
