प्रयागराज। पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में शामिल अभ्यर्थियों में अफसर बनने के गुण हैं या नहीं, इसकी परख मंगलवार को सामान्य अध्ययन के चौथे प्रश्न पत्र में पूछे गए सवालों के माध्यम से की गई। सवाल आया कि कमजोर वर्गों की बेहतर सेवा के लिए लोक सेवकों में सहिष्णुता व करुणा को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझावों की व्याख्या कीजिए।
मंगलवार को सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन के तीसरे प्रश्नपत्र व अपराह्न 2:30 से. 5:30 बजे तक सामान्य अध्ययन के चौथे प्रश्न पत्र की परीक्षा आयोजित की गई। चौथे प्रश्नपत्र में यह सवाल भी आया कि वर्तमान समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार की चुनौतियों से निपटने के लिए नैतिक आधारों की विवेचना कीजिए।
यह भी पूछा गया कि लोक प्रशासन में कार्यरत अधिकारी के लिए सिविल सेवा मूल्यों का स्वरूप क्या होना चाहिए? वह अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में इन मूल्यों के बीच कैसे संतुलन स्थापित कर सकता है? समझाइए।
एक अन्य सवाल था कि शासन व्यवस्था में कार्य निष्पादन का नैतिक आधार क्या है? परिणाम-निरपेक्ष एवं परिणाम सापेक्ष कर्म के आलोक’ में विवेचना कीजिए।
यह सवाल भी आया कि लोकप्रशासकों द्वारा नीति-निर्माण की प्रक्रिया में वांछित सामाजिक-नैतिक लक्षणों की प्राप्ति हेतु, क्या साधनों की नैतिक पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए अथवा परिणाम की प्रभावशीलता को?
अभ्यर्थियों से पूछा गया कि आप एक नगर आयुक्त हैं। आपकेनगर में एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय स्थित है, जिसमें छात्राओं की संख्या काफी अधिक है।
इस महाविद्यालय में शौचालय /प्रसाधन की स्थित अत्यंत दयनीय है, जिससे आए दिन छात्राओं को मानसिक, शारीरिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महाविद्यालय प्रशासन छात्राओं की इस बुनियादी. सुविधाओं कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एक नगर आयुक्त के रूप में आप छात्राओं को इस बुनियादी सुविधाओं के सुधार के लिए महाविद्यालय की उदासीनता के विरुद्ध क्या कदम उठाएंगे
