केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि जाति गणना करने के मोदी सरकार के ऐतिहासिक निर्णय के बाद विपक्ष में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। मगर, 60 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई?
रेड्डी ने कहा कि जाति गणना के प्रति भाजपा का रुख साफ रखा है। 2010 में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा था कि देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए। हम इसका समर्थन करते हैं। तेलंगाना में हुई जाति गणना और उसके मॉडल पर पूछे `सवाल पर रेड्डी ने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार ने पिछड़े वर्ग की गणना सही तरीके से नहीं की गई है। हम आधुनिक तकनीकी का उपयोग करते हुए, पूरी प्रामाणिकता, पारदर्शिता औरं वैज्ञानिक तरीके से जातिगत जनगणना करवाएंगे। मोदी सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। ओबीसी आयोग, ईडब्ल्यूएस और महिला आरक्षण हो तीन तलाक, सब निर्णय उसी प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। जाति गणना भी अंत्योदय की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा।
– जी किशन रेड्डी, केंद्रीय मंत्री
