लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ का अद्भुत आयोजन यूनिक इवेंट बनकर दुनिया को लंबे समय तक अपनी ओर आकर्षित करेगा। जब महाकुंभ का आयोजन हो रहा था तो कई सदस्य, संगठन व पार्टियां अनर्गल बयान दे रहे थे। इससे इतर हम लोग मौन रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। वे बुधवार को विधान परिषद में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस महाआयोजन को यूनेस्को के निदेशक समेत दुनिया की मीडिया ने काफी सराहा। सीएम ने दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला में बुधवार को आलोचक सुधीश पचौरी के आर्टिकल का भी जिक्र किया। सीएम ने कहा कि पचौरी संघ की विचारधारा के नहीं हैं और उन्होंने महाकुंभ के बारे में लिखा है कि समाज अपने अनुभवों के बारे में जीता है। सीएम ने इस लेख के प्रमुख अंश पढ़ते हुए कहा कि सही दृष्टि रखने वाले आलोचक भी मानते हैं कि महाकुंभ ने एक नया संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि कानपुर में 125 वर्ष से सीसामऊ में चार करोड़ लीटर सीवर प्रतिदिन गंगाजी में उड़ेला जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने नमामि गंगे परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई। हालांकि, बजट 2015 में भी दिया गया था, लेकिन सपा की तत्कालीन सरकार ने उसे लागू नहीं किया। प्रदूषण की बात करने वाले वही लोग हैं, जो अपने समय में कुछ कर नहीं पाए। जनवरी से फरवरी तक गंगाजी से लिया गया हर सैंपल पास हुआ है।
सभी जिलों में आंबेडकर के नाम से बनेगा छात्रावास : सीएम ने विपक्ष
को संविधान के सम्मान और संरक्षण को लेकर जमकर घेरा। कहा, सपा समेत ये दल बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और अन्य दलित-पिछड़े महापुरुषों को कभी सम्मान नहीं दे पाए। जबकि, डबल इंजन की भाजपा सरकार ने अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर और पंच तीर्थों के निर्माण जैसी कई ऐतिहासिक पहल की है। भाजपा सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के हर जिले में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए बनने वाले सभी छात्रावासों का नाम बाबा साहब आंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा।
