लखनऊ। एसएईएल सोलर पॉवर कंपनी का प्रोजेक्ट मंजूर करने के लिए घूस मांगने के आरोप में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव और इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह कड़ी कार्रवाई की है। गोमतीनगर के विराम खंड निवासी बिचौलिए निकांत जैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, कंपनी की ओर से गोमतीनगर थाने में निकांत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 2006 बैच के आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश ने प्रोजेक्ट के लिए कंपनी संचालकों को निकांत से संपर्क करने को कहा था। मूल रूप से मेरठ के शांतिनगर निवासी निकांत ने प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए कुल लागत की 5 फीसदी रकम रिश्वत के रूप में मांगी थी। कंपनी के प्रतिनिधि विश्वजीत दास ने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से इसकी शिकायत की।
शिकायत में कहा गया कि उनके ग्रुप ने यूपी में सोलर सेल और सौर ऊर्जा से जुड़े कलपुर्जे के संयत्र के लिए इन्वेस्ट यूपी के कार्यालय में आवेदन किया था। प्रार्थना पत्र ऑनलाइन भी भेजा था। मूल्यांकन समिति की बैठक में प्रोजेक्ट पर विचार से पहले इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी ने जैन का नंबर देकर उनसे बात करने को कहा। कहा, बात करने के बाद उनका मामला एम्पावर्ड कमेटी व कैबिनेट में तुरंत अनुमोदित हो जाएगा।
समूह के संचालक प्रोजेक्ट लगाने के लिए मुख्यमंत्री से मिल चुके थे, लिहाजा दास ने जैन को पैसा देने से मना कर दिया। बाद में पता चला कि संस्तुति के बावजूद उनकी फाइल को टाल दिया गया है। जैन ने कहा कि जितना भी प्रयास कर लो, आखिर हमारे पास ही आंना होगा, अन्यथा काम नहीं होगा। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि कंपनी प्रोजेक्ट को दूसरे प्रदेश में ले जा सकती है। लिहाजा, इन लोगों पर कार्रवाई करने के साथ प्रोजेक्ट को मंजूर किया जाए।
