रेलवे प्रशासन भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन सोमवार को प्रयागराज आने वाली कुछ ट्रेनों में यात्रियों का अनुभव अच्छा नहीं रहा। प्रीमियम किराया देने के बावजूद यात्री गंदगी, मच्छरों और बेटिकट भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर हुए।
डिजिटल इंडिया के दौर में एक्स पर शिकायतों का दौर तो चला, अधिकारियों के कॉपी-पेस्ट जवाब भी आए, लेकिन कोच के भीतर हालात जस के तस बने रहे।प्रीमियम ट्रेन हमसफर एक्सप्रेस के बी-3 कोच में सफर कर रहे रोहित शर्मा ने शौचालय की बदहाली की फोटो साझा करते हुए रेल प्रशासन को घेरा।
उन्होंने बताया कि टूटा फ्लश और गंदगी से लबालब टॉयलेट रेलवे के स्वच्छता दावों की पोल खोल रहे हैं।उधर, नेताजी एक्सप्रेस के एस-वन कोच में कंफर्म टिकट होने के बावजूद शंभू का परिवार अपनी ही सीट पर बंधक बन गया। कोच में बेटिकट यात्रियों को इतनी भारी भीड़ थी कि टॉयलेट तक जाने का रास्ता नहीं बचा। मदद की गुहार पर अधिकारियों रिप्लाई तो आए, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
मच्छरों का प्रकोप और 22 घंटे की देरी : एलटीटी-कानपुर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 22 घंटे की देरी से प्रयागराज पहुंची। यात्री विक्की तिवारी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मच्छरों का प्रकोप है, अगर बच्चे बीमार हुए तो जिम्मेदार कौन होगा। इसी ट्रेन में सुधीर के बीमार माता-पिता गंदगी के कारण शौचालय तक का उपयोग नहीं कर सके। इन सब शिकायतों पर डीआरएम प्रयागराज रजनीश अग्रवाल ने सीनियर डीएमई को निर्देशित तो किया लेकिन यात्रियों को कोई राहत नहीं मिली।
