प्रयागराज। ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच स्मार्ट सिटी योजना की उपयोगिता फिर बढ़ती दिख रही है। इसी योजना के तहत चुनिंदा शहरो में साइबर हमलों से बचाव के लिए सुरक्षा कवच तैयार करने की योजना है। इतना ही नहीं ऊर्जा और जल सुरक्षा की दिशा में भी शहरों को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसका विस्तृत मसौदा जल्द तैयार होने की बात कही जा रही है।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना की तकरीबन सभी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या अंतिम चरण में हैं। इन्हें पूरा करने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद स्मार्ट सिटी योजना के बंद होने पर विचार शुरू हो गया था लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले और कई देशों के बीच चल रहे युद्ध के बीच इसकी उपयोगिता फिर सामने आई है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्मार्ट सिटी योजना के तहत पूरे शहर में लगाए गए पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम का बेहतर उपयोग सामने आया था। प्रयागराज में ही 209 स्थानों पर लगे पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम पर अलार्म बजाकर लोगों को सतर्क किया गया था। कई अन्य पहलुओं से भी इनकी उपयोगिता सामने आई है।
इसके अलावा कई देशों के बीच घोषित व अघोषित युद्ध जारी है। बीते शुक्रवार को दिल्ली में स्मार्ट सिटी योजना की बैठक में इन पर विस्तार से चर्चा हुई और स्मार्ट सिटी योजना की उपयोगिता बताई गई। अफसर अभी इस बारे में कुछ बोलने से बच रहे हैं
लेकिन बताया जा रहा है स्मार्ट सिटी योजना को विस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक में शामिल नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा व योजना के प्रभारी अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव का कहना है कि स्मार्ट सिटी की उपयोगिता, इसके विस्तार समेत अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त का कहना है कि इस पर अंतिम निर्णय भारत सरकार को लेना है। अफसरों ने इससे आगे बोलने से इन्कार कर दिया। नगर आयुक्त ने कहा कि गाइडलाइन जारी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
