नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था का चमकता सितारा बताते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने टैरिफ मामले में राष्ट्रहित की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, हमारे *लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
लोकसभा और राज्यसभा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा, सरकार भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा के प्रभाव का आकलन कर रही है। सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 25 फीसदी टैरिफ के साथ रूस से तेल खरीदने की सजा के रूप में जुर्माने की भी घोषणा की थी।
संसद के दोनों सदनों में स्वतःस्फूर्त विस्तृत बयान में उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत के बीच अमेरिका के 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, सरकार इसके असर का सभी पक्षों के साथ मिलकर आकलन और समीक्षा कर रही है। सरकार किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों, निर्यातकों, उद्योग जगत और सभी हितधारकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
गोयल ने वार्ता के दौरान ही टैरिफ लगाने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा, भारत और अमेरिका ने मार्च में न्यायपूर्ण, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू की थी। इसका लक्ष्य अक्तूबर-नवंबर, 2025 तक समझौते के पहले चरण को पूरा करना था। इसकी पहली कड़ी में दोनों पक्षों ने दिल्ली में 29 मार्च को पहली बैठक में समझौते की बातचीत को अंतिम रूप दिया। अब तक दोनों पक्षों के बीच चार दौर की बैठक के अलावा कई वर्चुअल बैठकें हो चुकी हैं। इसमें आयात पर 10 से 15 फीसदी टैरिफ की बात थी
