नई दिल्ली। पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में तीन दिनों तक चली लंबी चर्चा के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने बृहस्पतिवार को दोनों सदनों में एक बार फिर एसआईआर का मुद्दा उठाया और नारेबाजी की। हंगामे और भारी शोरगुल की वजह दोनों सदनों ‘की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गृहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और इस पर दोनों सदनों में चर्चा की अपनी मांग फिर दोहराई।
बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही पहले 2 बजे, फिर 4 बजे और बाद में शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य एसआईआर के मुद्दे पर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। विपक्षी सांसदों को नसीहत देते हुए बिरला ने पूछा, क्या जनता ने उन्हें चुनकर संसद में नारेबाजी करने केलिए भेजा है? बिरला ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करने से पहले कहा कि सदन मुद्दों पर चर्चा के लिए है और सदस्यों का व्यवहार उचित नहीं है। दोपहर 2 बजे सदनका संचालन कर रहे अवधेश प्रसाद ने विपक्ष से नारेबाजी नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा नहीं रुका, जिसके बाद कार्यवाही 4 बजे तक स्थगित कर दी गई। सोनिया.गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने बृहस्पतिवार को भी संसद के मकर द्वार परएस आईआर को लेकर प्रदर्शन किया
