प्रयागराज। राजकीय अशासकीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए एक अहंता संबंधी एक समान नियमावली लागू होने के बावजूद अशासकीय सहायक प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती फंसी हुई है जबकि, राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एलटीग्रेड शिक्षक (सहायक अध्यापक) के 7466 व प्रवक्ता के 1518 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के आवेदन की अंतिम तिथि 28 अगस्त और प्रवक्ता भर्ती के आवेदन की अंतिम तिथि 12 सितंबर है। आयोग को इन पदों पर भर्ती के लिए रिक्त पदों का ई-अधियाचन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने भेजा था।
दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को ही अशासकीय विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (सहायक अध्यापक) व प्रवक्ता भर्ती के लिए भी ई-अधियाचन भेजना है जिसके बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग नई भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी करेगा लेकिन अशासकीय विद्यालयों में इन भर्तियों से संबंधित प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पा रही है।
अशासकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के तकरीबन 30 हजार पद खाली है। इससे पहले वर्ष 2022 में सहायक अध्यापक व प्रवक्ता के 4163 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था लेकिन दोनों ही भर्तियां चार बार स्थगित की जा चुकी हैं और अब तक इन भर्तियों की लिखित परीक्षा नहीं हुई।
नई भर्ती के लिए निदेशालय न तो रिक्त पदों का विवरण इकट्ठा कर सका है और न ही आयोग व एनआईसी के स्तर से अब तक ई-अधियाचन का प्रारूप तैयार किया जा सका है। पुरानी भर्ती लंबित होने और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू न होने के कारण अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या काफी कम हो गई है जबकि राजकीय विद्यालयों को अगले साल तक नए सहायक अध्यापक व प्रवक्ता मिल जाएंगे। समकक्ष अर्हता को लेकर विवाद के कारण राजकीय व अशासकीय विद्यालयों में अक्सर भर्तियां फंस जाया करती थीं। ऐसे में शासन ने नियमावली से समकक्ष शब्द हटाते हुए दोनों प्रकार के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए एक समान नियमावली लागू कर दी ताकि भर्ती को लेकर किसी तरह का विवाद न रहे लेकिन यह समस्या दूर होने के बाद दूसरे कारणों से एडेड विद्यालयों में भर्तियां फंस गईं हैं। इससे लाखों अभ्यर्थी परेशान हैं।
