प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा और शादी ईदगाह विवाद मामले में मुस्लिम पक्ष की ओर से केवल प्रतिनिधि वाद को ही सुने जाने और अन्य पर स्टे किए जाने का हिंदू पक्षकार ने विरोध किया है।
मामला 2अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति दाखिल की है। साथ ही जामा मस्जिद आगरा मामले में वाद बिंदु तय करने की मांग की लेकिन भारतीय पुरातत्व विभाग ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांग लिया। अब अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राम मनोहर’ नारायण मिश्र की एकलपीठ ने की।
विदित हो कि शाही ईदगाह की प्रबंध समिति के सचिव अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया है कि सिर्फ प्रतिनिधि वाद को सुना जाए। इस पर हिंदू पक्षकार की ओर सेदाखिल आपत्ति में कहा गया है कि वाद 13 सबसे पहले अलग ग्राउंड पर दाखिल किया गया था, लिहाजा प्रतिनिधि वाद का आदेश इस परं प्रभावी नहीं माना जाएगा। कहा गया कि मुस्लिम पक्ष ने जो आपत्ति दर्ज कराई है वह अवैधानिक है औरउसका यहां कोई औचित्य नहीं बनता है। सिर्फ मुकदमे को लंबा खींचने के उद्देश्य से मुस्लिम पक्ष नेप्रार्थना पत्र दाखिल किया है। मामले में सभी वादों पर सुनवाई की जानी चाहिए।
