महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौक माफी में एक अनोखा पौधा लगाया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पौधे का नाम है पोमैटो, यानी आधा आलू और आधा टमाटर। जड़ (भूमिगत तने) वाले हिस्से में आलू की कंद बन रहे हैं, जबकि ऊपरी शाखाओं पर टमाटर उगेंगे। प्रदर्शन के लिए पौधे क्यारी और गमलों में लगाए गए हैं। यह कोई जेनेटिक इंजीनियरिंग या जीएम’ फसल नहीं है, बल्कि साधारण ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार किया गया पौधा है। आलू और टमाटर दोनों नाइटशेड (सोलानेसी) परिवार के पौधे होने के कारण एक-दूसरे पर आसानी से ग्राफ्ट हो जाते हैं।
इस तकनीक को भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर और अनीश कुमार सिंह ने विकसित किया है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार, गोरखपुर जिले में यह पहला, मौका है जब पोमैटो का प्रदर्शन किया गया है।
किसानों के लिए यह एक नया अवसर है- एक पौधा लगाओ और दो फसले पाओ। केंद्र अगले वर्ष किसानों को ग्राफ्टिंग तकनीक और पोमैटो तैयार करने का प्रशिक्षण देगा ताकि वे स्वयं इस पौधे को तैयार कर सकें और कम जगह में दोगुनी फसल ले सकें। केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शन के लिए लगाया गया है। यदि इस बार अच्छा उत्पादन मिलता है तो अगले सीजन से किसानों को पोमैटो के तैयार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे और उन्हें ग्राफ्टिंग तकनीक भी सिखाई जाएगी।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अजीत श्रीवास्तव ने कहा कि एक ही मेहनत, एक ही खाद-पानी, एक ही जगह में दो फसलें। लागत कम, मुनाफा दोगुना। अगले वर्ष गोरखपुर के किसान भी पोमैटो उगाएंगे और उन्हें निश्चित तौर पर अच्छा उत्पादन व लाभमिलेगा।
