मुंडेरा के आधा दर्जन मोहल्ले ऐसे हैं, जहां आज भी बिजली के खंभे लकड़ी की सीढ़ी के सहारे टिके हुए हैं। इसके अलावा कुछ खंभे इतने जर्जर हो गए हैं कि स्थानीय लोगों ने गिरने के डर से इनमें सीमेंट भर दिया है। वहीं, कई जगह खुले तार हादसे को दावत दे रहे हैं।
यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिजली विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया। मुंडेरा के पोंगहटपुल, दलित बस्ती, आदर्श नगर कॉलोनी, कुशवाहानगर, लाल बिहारा, डिफेंस एन्क्लेव व राजकमल सोसाइटी के करीब 350 घर इस समस्या से प्रभावित हैं। हालात यह हैं कि आदर्श नगर दलित बस्ती के आठ खंभे, पोंगहट कुशवाहा नगर में चार व लाल बिहारा के करीब 12 बिजली के खंभे जर्जर हो चुके हैं।
वह कभी भी किसी के घर पर गिर सकते हैं। वहीं, जब बिजली विभाग की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई तो लोगों ने कुछ खंभों को सीढ़ी से तो कुछ खंभों के बीच में सीमेंट बालू भरकर टिकाए हुए हैं। इसके अलावा सैकड़ों खंभे ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ सिंगल फेस ही गया हुआ है।
