आंख की ऑप्टिक नर्व के सूजन के इलाज में रोगी का ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ेगा। साथ ही आंख की रोशनी जल्दी लौटेगी और दवा का दुष्प्रभाव भी नहीं होगा। यह संभव होगा ऑप्टिक न्यूराइटिस के इलाज की नई विधि से। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग ने ऑप्टिक. न्यूराइटिस रोग के इलाज की यह विधि खोजी है। विभाग में ऑप्टिक न्यूराइटिस के सबसे अधिक रोगी 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के आए हैं।
आंख की ऑप्टिक नर्व में सूजन आने से आंख की रोशनी अचानक चली जाती है। कुछ रोगियों को धुंधला दिखने लगता है। रंग साफ नजर नहीं आते। अभी तक इस रोग के इलाज में रोगियों को स्टेरॉयड आदि दवाएं दी जाती हैं। इससे रोगी का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। डायबिटीज के रोगियों की स्थिति अधिक खराब होती है। इसके अलावा रोगियों को दवाओं के अन्य दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. परवेज खान ने बताया कि यह नई विधि ऑप्टिक न्यूराइटिस के इलाज में कारगर है। इसमें दवा का इंजेक्शन सीधे आंख में दिया जाता है। इससे रोगी को तुरंत फायदा होता है। रोशनी लौट आती है। इसके अलावा कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। एक साल में ऑप्टिक न्यूराइटिस के 15 रोगियों का ब्योरा तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक संख्या 18 से 40 साल आयु वर्ग के रोगियों की है।
उन्होंने बताया कि दवा की पहली खुराक में ही आंख की रोशनी लौट आई। नर्व की सूजन भी ठीक होने लगी। ऑप्टिक न्यूराइटिस होने के कारण स्पष्ट नहीं हैं। यह ऑटो इम्यून कारणों और संक्रमण से भी हो सकता है। ऑप्टिक नर्व के ऊपर माइलिन आवरण नष्ट होने लगता है | इसी नर्व के जरिये मस्तिष्क को मैसेज पहुंचता है।
