हजारों करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस आईटी सेल के प्रमुख प्रतीक जैने के घर और उनकी कंपनी आई-पैक पर छापा मारा। मनी लॉन्ड्रिंग में 12 घंटे चली कार्रवाई के दौरान प. बंगाल की सीएम और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी आई-पैक के निदेशक जैन के घर पहुंच गई और फाइल लेकर निकल गई। इसके बाद सियासी विवाद बढ़ गया।
ममता ने आरोप लगाया कि ईडी पार्टी के आंतरिक दस्तावेज, हार्डडिस्क और संवेदनशील डिजिटल डाटा जब्त कर रही है। उन्होंने ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। उनकी पार्टी शुक्रवार को विरोध रैली भी निकालेगी। वहीं, ईडी ने कहा कि किसी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई। सीएम ममता ने कार्रवाई में बाधा डाली और दस्तावेज जबरन उठा ले गई।
ईडी मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची है। कार्रवाई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने भी हाईकोर्ट से केंद्र सरकार के खिलाफ मामला दर्ज कराने की अनुमति मांगी, जिस पर जस्टिस शुभ्रा घोष ने याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। आई-पैक भी हाईकोर्ट में तलाशी की वैधता को चुनौती देगी। ईडी ने बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली में 4 और बंगाल में 6 ठिकानों पर छापे मारे।
इनमें कोलकाता में आई-पैक का कार्यालय और जैन का घर भी है। सूत्रों के अनुसार, जैन के खिलाफ घोटाले से जुड़े हवाला लेनदेन व नकदी डील के खास सबूत मिले हैं। मामला नवंबर, 2020 में सीबीआई की एफआईआर से जुड़ा है। इस मामले में ईडी ममता के भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है। दावा है कि अवैध कोयला व्यापार से मिले फंड के बनर्जी भी लाभार्थी थे ।
