वैश्विक उथल-पुथल से निपटने के लिए भारत और जर्मनी ने रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने का फैसला किया है। दोनों देश रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, सेहत व प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी भी मजबूत करेंगे। भारतीयों को जर्मनी जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होगी।
भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने यह घोषणा की। मर्ज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच गुजरात के गांधीनगर में हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों में दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, रक्षा संबंध मजूबत करने, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में साथ काम करने व द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयां देने पर सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, एआई, नवीकरणीय ऊर्जा समेत नौ अहम क्षेत्रों में 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पांच समझौते सांस्कृतिक व जन-जन संबंध के लिए, जबकि चार समझौते महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए l
पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि हमारा द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने के साथ सार्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। भारत व जर्मनी सुरक्षित, भरोसेमंद एवं सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। समझौतों से सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चांसलर मर्ज का आभार भी जताया। उन्होंने कहा, दोनों पक्ष रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने, सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खोलने के लिए रोडमैप पर काम करेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार बेहद महत्वपूर्ण है।
रक्षा सहयोग को गहरा करना चाहते हैं : जर्मन चांसलर मर्ज ने कहा कि भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करने के लिए भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जरूरी है। उन्होंने कहा, भारत जर्मनी का पसंदीदा साझेदार है। वैश्विक व्यवस्था में हो रहे अहम बदलाव की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें तैयार रहना होगा । हम रक्षा उद्योगों के सहयोग को गहरा करना चाहते हैं। इसका रणनीतिक महत्त्व है। हमने विकास, उत्पादन, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए रक्षा उद्योगों के बीच घनिष्ठ सहयोग पर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
