सेना दिवस परेड में भारत ने स्वदेशी हथियारों की शक्ति दुनिया के सामने प्रदर्शित की। इस दौरान ब्रह्मोस, टी-90 टैंक, अर्जुन टैंक, बीएमपी-2, स्मर्च, पिनाका, के-9 वज्र, धनुष, ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल प्रणाली, ड्रोन, रोबोटिक म्यूल्स और अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों सहित ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 78वें सेना दिवस समारोह के दौरान कहा कि सेना भविष्य के युद्धों की तैयारी पर गंभीरता से काम कर रही है। इस दिशा में नई संरचनाओं को आने वाले समय की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आने वाले समय में भारत में निर्मित हथियार और उपकरण सेना के लिए अहम साबित होंगे। स्वदेशीकरण अब सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए रणनीतिक जरूरत बन चुका है। जयपुर में सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सेना की सोच में स्पष्ट बदलाव आया है, हम अब केवल वर्तमान चुनौतियों पर ही काम नहीं कर रहे। आधुनिक युद्ध की आवश्यकता देखते हुए भैरव बटालियन, अश्नि प्लाटून, शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी जैसी नई इकाइयां खड़ी की गई हैं।
