शहर में बुधवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। भारतीय वायु सेना का टू-सीटर माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित हो गया। – पायलट पैराशूट से बाहर निकल गए और विमान केपी कॉलेज के पीछे – जलकुंभी से भरे एक तालाब में गिर गया। पूरे घटनाक्रम में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों पायलट को तालाब से सुरक्षित निकाला गया।
माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एम-116 ने सुबह करीब 11:30 बजे बमरौली एयरफोर्स स्टेशन (29वीं विंग) से नियमित उड़ान भरी। इसे ग्रुप कैप्टन जेके पांडेय और ग्रुप कैप्टन प्रवीण अग्रवाल संचालित कर रहे थे। फाफामऊ में पड़िला एयर फील्ड के बाद संगम का चक्कर लगाकर यह विमान एयरफोर्स स्टेशन लौट रहा था, तभी उसके इंजन में तकनीकी खामी आ गई।
इस दौरान दोनों पायलट ने सूझबूझ दिखाई और विमान रिहायशी इलाके से दूर केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब की ओर मोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर 12:15 बजे के आसपास आसमान में एक छोटा विमान अचानक लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, विमान का पैराशूट खुल गया। इसमें से दो पायलट कूदते हुए नजर आए।
विमान जब तालाब के पास गिरा तो तेज आवाज आई। हादसे के बाद तालाब किनारे स्थित रेलवे पटरी पर मौजूद लोग सक्रिय हो गए। दोनों पायलट को पानी में घिरा देख स्थानीय युवक लाल साहब निषाद, अजीत यादव और पंकज सोनकर बिना वक्त गंवाए तालाब में कूद पड़े। जलकुंभी होने की वजह से थोड़ी परेशानी हुई लेकिन दोनों पायलट को सहारा देकर सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया गया।
इस बीच सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और वायु सेना के अफसर व सेना के जवान मौके पर पहुंचे। उधर, शाम तक तालाब में फंसे विमान को निकालने का कार्य एसडीआरएफ, पुलिस व वायु सेना की ओर से जारी रहा।
