देश के करोड़ों नागरिक अब नई खूबियों के साथ आधार एप का उपयोग कर पाएंगे। अब लोग अपना आधार नंबर शेयर किए बिना कहीं भी अपनी पहचान प्रमाणित करा सकते हैं। एप से ही चेहरे का सत्यापन हो जाएगा। नए एप के जरिये घर बैठे ही आधार में दर्ज मोबाइल नंबर व घर के पते में बदलाव कराया जा सकता है। आधार धारक अपने खाते में परिवार के पांच सदस्य भी जोड़े सकते हैं। इस तरह अब न आधार की प्रति लगाने की जरूरत होगी और न ही आधार केंद्र जाने की।
वाणिज्य उद्योग व इलेक्ट्रानिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बुधवार को एक समारोह में नया आधार एप लॉन्च किया। इसकी मदद से ऑफलाइन आधार सत्यापन किया जा सकेगा। एप में आधार धारक को फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और मोबाइल नंबर में क्या साझा करना है, इसका विकल्प भी होगा। क्यूआर कोड के जरिये पहचान की पुष्टि की जा सकती है। इस एप के इस्तेमाल से डिजिटल गोपनीयता भी रहेगी।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि आधार की प्रति साथ रखने की जरूरत नहीं है। शो एंड शेयर फीचर के जरिये उपयोगकर्ता हवाईअड्डों व होटलों जैसे स्थानों पर मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल आधार दिखा सकते हैं। अब तक लोगों को कई भौतिक पहचान दस्तावेज दिखाने पड़ते थे, जो पुराने हो सकते थे या जिनसे छेड़छाड़ की जा सकती थी। नए एप से यूआईडीएआई को ओर से डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी पहचान साख और एप के जरिये साझा जानकारी को सत्यापित साख के रूप में माना जाएगा ।
आधार डिजिटल पहचान के लिए वैश्विक मॉडल: जितिन केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आधार डिजिटल पहचान के लिए वैश्विक मॉडल के रूप में उभरा है। एप में गोपनीयता की सुरक्षा के प्रावधान हैं और इसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सरल बनाना, व्यापार में आसानी बढ़ाना तथा भारत को प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्र के रूप में सशक्त करना है। इस विशाल डेटाबेस के साथ भारत ने साबित कर दिया कि इतने बड़े पैमाने पर भी डाटा को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसकी कल्पना कभी पश्चिमी देश ही कर सकते थे।
आधार एप में बायोमेट्रिक लॉकिंग की सुविधा भी है। इससे बायोमेट्रिक्स को लॉक व अनलॉक भी किया जा सकता है। इस तरह अंगुलियों के निशान, चेहरे और आंखों की पुतली के स्कैन का अवांछित लोग उपयोग नहीं कर सकेंगे।
जरूरत पड़ने पर बायोमेट्रिक लॉक हटाया जा सकता है। एप में पिछले आधार सत्यापन का ब्योरा भी रहता है। एप 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
